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पदोन्नति मामले में वन विभाग को नोटिस

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सहायक वनपाल का एक पद सुरक्षित रखने का आदेश

मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण जयपुर चल पीठ जोधपुर ने वन रक्षक के पद पर कार्यरत प्रकाश पाटीदार की अपील को अंतरिम रूप से ग्राहय करते हुए वन विभाग द्वारा वन रक्षक के पद से सहायक वनपाल के पद पर होने वाली पदोन्नति में एक पद सुरक्षित रखने का आदेश पारित किया। साथ ही वन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
प्रकाश पाटीदार की नियुक्ति वन रक्षक के पद पर विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने व उस परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर 102.7 अंक अर्जित करने के आधार पर रेंज बिछिवाड़ा, वन मण्डल डूंगरपुर में वर्ष 2016 को हुई थी। तब प्रार्थी ने कार्य ग्रहण कर लिया। उप वन संरक्षक डूंगरपुर द्वारा वन रक्षकों की अंतरिम (प्रोविजनल) वरिष्ठता सूची जारी की गई उस वरिष्ठता सूची में प्रार्थी का नाम क्रम संख्या तीन पर दर्ज था। इसके पश्चात् प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल) द्वारा एक फरवरी 2024 को एक राज्य स्तरीय अंतरिम वरिष्ठता सूची जारी की गई। इसमें नियुक्ति के समय प्रार्थी से कम अंक अर्जित करने वालों को बीस अंकों का लाभ देते हुए प्रार्थी से वरिष्ठ कर दिया व प्रार्थी को बीस अंकों का लाभ प्रदान नहीं करते हुए उनसे कनिष्ठ कर दिया गया। इस अंतरिम वरिष्ठता सूची से व्यथित होकर प्रकाश पाटीदार ने एक अभ्यावेदन विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया। अभ्यावेदन पर किसी भी तरह का विचार किए बगैर ही प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने वन रक्षकों के पद पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की एक स्थायी वरिष्ठता सूची जारी की जिसमें प्रार्थी से कम वरिष्ठताधारी व्यक्तियों को बीस अंकों का लाभ देकर वरिष्ठता सूची में वरिष्ठता प्रदान कर दी गई जबकि प्रार्थी को उनसे कनिष्ठ स्थान प्रदान कर दिया गया।
विभाग द्वारा जारी अन्तिम वरिष्ठता सूची से व्यथित होकर प्रार्थी ने अपने अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा के माध्यम से एक अपील अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की। अधिकरण के समक्ष अधिवक्ता का यह तर्क था कि प्रथमतया प्रार्थी ने नियुक्ति के समय भी प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा वह सभी कर्मचारियों से वरिष्ठ था। साथ ही वन मण्डल डूंगरपुर द्वारा जारी वरिष्ठता सूची में भी वह तीसरे पायदान पर था इसके बावजूद अन्य कनिष्ठ कर्मचारियों को बीस अंकों का लाभ देकर ऊपरी पायदान प्रदान की गई व प्रार्थी को 20 अंकों का लाभ प्रदान नहीं करके उसे कनिष्ठ कर दिया गया। यह समानता के अधिकार का उल्लंघन हैं। यदि प्रार्थी को भी अन्य कर्मचारियों की तरह 20 अंकों का लाभ प्रदान किया जाता तो वह अन्य सभी कर्मचारियों से वरिष्ठ पायदान पर होता। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अधिकरण ने अपील को अंतरिम रूप से ग्राहय करते हुए वन विभाग को वन रक्षक से सहायक वन पाल की पदोन्नति के लिए जारी अंतिम वरियता सूची को दूषित मानते हुए विभाग को नोटिस जारी कर जबाब तलब किया व सहायक वनपाल के पद पर होने वाली पदोन्नति में अग्रिम आदेशों तक एक पद प्रार्थी के लिये सुरक्षित रखने का आदेश पारित किया।

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