मधुहीर राजस्थान
जोधपुर। फिटक्सनी स्थित पूर्व सरपंच संग्रामसिह बाबल के निवास पर पानी की भारी किल्लत दूर करने को लेकर चर्चा की गई। जिसमे फिटकासनी सरपंच रावरिङमल बिश्नोई, बिश्नोई टाईगर फोर्स के संगठन मंत्री ओमप्रकाश लोल, गौ भक्त समाज सेवी भोमाराम भादू ने फिटकासनी ,रसीदा,बासनी निकूबा, बिडासनी , सरनाडा, काकेलाव बाईपास, उचियारङा बिश्नोईयो की ढाणी ,खारडा रणधीर, नान्दङा कलां बिश्नोईयो की ढाणी ,कानावास का पाना ,जालेली फोजदार मे वर्तमान समय मे भंयकर गर्मी को लेकर पानी की बहुत भारी किल्लत के बारे मे विचार विमर्श किया और लोगो मे पानी की भंयकर समस्याओ को लेकर मची त्राही त्राहि को लेकर भी चर्चा कर अफसोस जताया और अगर समय रहते पानी की व्यवस्थाए नही होती है। तो आगामी दिनो मे पानी को लेकर आन्दोलन की रणनिती तय करने के लिए विचार-विमर्श किया। एक सप्ताह मे सरकार की तरफ से इन गांवो मे पानी को लेकर आम जनता को राहत नही मिली तो फिर जलदाय विभाग व जिला प्रशासन पर आंदोलन किया जाएगा। लोल ने बताया कि पिछली सरकार मे महीने मे दो तीन बार पानी की यथावत सुविधाए होती थी जो कुङी हौद से दांतीवाङा जाने वाले लोहे की बङी वाली लाइन से पानी छोङा जाता था। जो तीन दिन तक चलता था और छोटी लाइन भी चलती थी वही गर्मियो मे हर जगह पानी के टैकरो की भी व्यवस्थाए होती थी लेकिन आज के वर्तमान समय मे इन सभी क्षेत्रो मे पानी के लिए कोई व्यवस्थाए नही है और नही ही जनता को पानी देने के लिए कोई योजना है। पिछली सरकार द्वारा देवलिया से जालेली फोजदार तक इन गांवो को पानी देने के लिए 23 करोङ की योजना को स्वीकृत कर डीपीआर बनाकर, फाइल टेन्डर तक पहुंच गई थी और गुङा बिशनोईयान बङा तालाब व कुङी हौद से फिटकासनी तक योजनाओ को भी स्वीकृत किया गया था लेकिन चुनावो के बाद भाजपा की नई सरकार बनी इस सरकार ने सारे काम बंद कर दिए और सारी स्वीकृती रोक दी है। वही जलदाय विभाग व जनता से चुने विधायक जन प्रतिनिधि जिम्मेदारी के साथ जनता की नही सुन रहे है जो आज के समय मे बहुत बङी समस्या है। जिसका समाधान करने के लिए सरकार की कोई रणनीति नही है। महीने मे एक दो बार पानी आता है। उसमे भी छोटी लाइन से सप्लाई होती है। वो भी दो तीन घंटे तक होती है। उसमे भी कायलाना से कुङी हौद तक आने वाले पानी मे भी,शहर की अंडरग्राउंड ट्यूबवेल व गंदे नालो का पानी कुङी हौद मे ज्यादा छोङते है। और कायलाना से कुङी हौद मे पानी कम आता है। शहर की अंडरग्राउंड ट्यूबवेलो व गंदे नालो का गंदा पानी आता है। जो कुङी हौद से बिना फिल्टर किए ग्रामीणो मे पानी छोङते है। लेकिन अब लोग उस पानी को पीने के लिए मजबूर है।



